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ऐ मेरे मन ! छेड़ तराने मद्धम-मद्धम


ऐ मेरे मन !
छेड़ तराने मद्धम-मद्धम,
सांझ-सा मौसम,
ग़ज़ल-सा तरन्नुम,
मख़मली सुरों का संगम |

ऐ मेरे मन !
छेड़ तराने मद्धम-मद्धम,
कोमल सा रे ग म
राग मल्हार
रिमझिम रिमझिम |
ऐ मेरे मन !
छेड़ तराने मद्धम-मद्धम,
मौजों की सरगम,
बूंदों की छम-छम
मन-नैया की थिरकन |
ऐ मेरे मन !
छेड़ तराने मद्धम-मद्धम |
____हिमांशु महला
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