image1 image2 image3

HELLO I'M Himanshu |WELCOME TO MY PERSONAL BLOG|I LOVE BEAUTY OF KNOWLEDGE|PRINICIPAL OF WPS

होरी गई यदि कोरी हमारी,,,,,,

होरी गई यदि कोरी हमारी, किसी को गुलाल उड़ाने न दूँगी।
कैद कराऊँगी मंजरि को, ढप ढोल पै थाप लगाने न दूँगी।
फूलन दूँगी नहीं सरसों तुम्हें, कोयल कूक लगाने न दूँगी,
बांध के रखूँगी माघ सीवान में, फागुन गांव में आने न दूँगी।

---- महाकवि चंद्रशेखर

Share this:

CONVERSATION

0 टिप्पणियाँ:

टिप्पणी पोस्ट करें